Psalms 105

Berean Standard Bible tier 2Hindi Contemporary Version tier 3
BSB

1 Give thanks to the LORD, call upon His name; make known His deeds among the nations.

HINCV

1 याहवेह के प्रति आभार व्यक्त करो, उनको पुकारो; सभी जनताओं के सामने उनके द्वारा किए कार्यों की घोषणा करो.

BSB

2 Sing to Him, sing praises to Him; tell of all His wonders.

HINCV

2 उनकी प्रशंसा में गाओ, उनका गुणगान करो; उनके सभी अद्भुत कार्यों का वर्णन करो.

BSB

3 Glory in His holy name; let the hearts of those who seek the LORD rejoice.

HINCV

3 उनके पवित्र नाम पर गर्व करो; उनके हृदय, जो याहवेह के खोजी हैं, उल्‍लसित हों.

BSB

4 Seek out the LORD and His strength; seek His face always.

HINCV

4 याहवेह और उनकी सामर्थ्य की खोज करो; उनकी उपस्थिति के सतत खोजी बने रहो.

BSB

5 Remember the wonders He has done, His marvels, and the judgments He has pronounced,

HINCV

5 उनके द्वारा किए अद्भुत कार्य स्मरण रखो तथा उनके द्वारा हुईं अद्भुत बातें एवं निर्णय भी,

BSB

6 O offspring of His servant Abraham, O sons of Jacob, His chosen ones.

HINCV

6 उनके सेवक अब्राहाम के वंश, उनके द्वारा चुने हुए याकोब की संतान.

BSB

7 He is the LORD our God; His judgments carry throughout the earth.

HINCV

7 वह याहवेह हैं, हमारे परमेश्वर; समस्त पृथ्वी पर उनके द्वारा किया गया न्याय स्पष्ट है.

BSB

8 He remembers His covenant forever, the word He ordained for a thousand generations—

HINCV

8 उन्हें अपनी वाचा सदैव स्मरण रहती है, वह आदेश जो उन्होंने हजार पीढ़ियों को दिया,

BSB

9 the covenant He made with Abraham, and the oath He swore to Isaac.

HINCV

9 वह वाचा, जो उन्होंने अब्राहाम के साथ स्थापित की, प्रतिज्ञा की वह शपथ, जो उन्होंने यित्सहाक से खाई थी,

BSB

10 He confirmed it to Jacob as a decree, to Israel as an everlasting covenant:

HINCV

10 जिसकी पुष्टि उन्होंने याकोब से अधिनियम स्वरूप की, अर्थात् इस्राएल से स्थापित अमर यह वाचा:

BSB

11 “I will give you the land of Canaan as the portion of your inheritance.”

HINCV

11 “कनान देश तुम्हें मैं प्रदान करूंगा. यह वह भूखण्ड है, जो तुम निज भाग में प्राप्‍त करोगे.”

BSB

12 When they were few in number, few indeed, and strangers in the land,

HINCV

12 जब परमेश्वर की प्रजा की संख्या अल्प ही थी, जब उनकी संख्या बहुत ही कम थी, और वे उस देश में परदेशी थे,

BSB

13 they wandered from nation to nation, from one kingdom to another.

HINCV

13 जब वे एक देश से दूसरे देश में भटकते फिर रहे थे, वे एक राज्य में से होकर दूसरे में यात्रा कर रहे थे,

BSB

14 He let no man oppress them; He rebuked kings on their behalf:

HINCV

14 परमेश्वर ने किसी भी राष्ट्र को उन्हें दुःखित न करने दिया; उनकी ओर से स्वयं परमेश्वर उन राजाओं को डांटते रहे:

BSB

15 “Do not touch My anointed ones! Do no harm to My prophets!”

HINCV

15 “मेरे अभिषिक्तों का स्पर्श तक न करना; मेरे भविष्यवक्ताओं को कोई हानि न पहुंचे!”

BSB

16 He called down famine on the land and cut off all their supplies of food.

HINCV

16 तब परमेश्वर ने उस देश में अकाल की स्थिति उत्पन्‍न कर दी. उन्होंने ही समस्त आहार तृप्‍ति नष्ट कर दी;

BSB

17 He sent a man before them—Joseph, sold as a slave.

HINCV

17 तब परमेश्वर ने एक पुरुष, योसेफ़ को, जिनको दास बनाकर उस देश में पहले भेज दिया.

BSB

18 They bruised his feet with shackles and placed his neck in irons,

HINCV

18 उन्होंने योसेफ़ के पैरों में बेड़ियां डालकर उन पैरों को ज़ख्मी किया था, उनकी गर्दन में भी बेड़ियां डाल दी गई थीं.

BSB

19 until his prediction came true and the word of the LORD proved him right.

HINCV

19 तब योसेफ़ की पूर्वोक्ति सत्य प्रमाणित हुई, उनके विषय में, याहवेह के वक्तव्य ने उन्हें सत्य प्रमाणित कर दिया.

BSB

20 The king sent and released him; the ruler of peoples set him free.

HINCV

20 राजा ने उन्हें मुक्त करने के आदेश दिए, प्रजा के शासक ने उन्हें मुक्त कर दिया.

BSB

21 He made him master of his household, ruler over all his substance,

HINCV

21 उसने उन्हें अपने भवन का प्रधान तथा संपूर्ण संपत्ति का प्रशासक बना दिया,

BSB

22 to instruct his princes as he pleased and teach his elders wisdom.

HINCV

22 कि वह उनके प्रधानों को अपनी इच्छापूर्ति के निमित्त आदेश दे सकें और उनके मंत्रियों को सुबुद्धि सिखा सकें.

BSB

23 Then Israel entered Egypt; Jacob dwelt in the land of Ham.

HINCV

23 तब इस्राएल ने मिस्र में पदार्पण किया; तब हाम की धरती पर याकोब एक प्रवासी होकर रहने लगे.

BSB

24 And the LORD made His people very fruitful, more numerous than their foes,

HINCV

24 याहवेह ने अपने चुने हुओं को अत्यंत समृद्ध कर दिया; यहां तक कि उन्हें उनके शत्रुओं से अधिक प्रबल बना दिया,

BSB

25 whose hearts He turned to hate His people, to conspire against His servants.

HINCV

25 जिनके हृदय में स्वयं परमेश्वर ने अपनी प्रजा के प्रति घृणा उत्पन्‍न कर दी, वे परमेश्वर के सेवकों के विरुद्ध बुरी युक्ति रचने लगे.

BSB

26 He sent Moses His servant, and Aaron, whom He had chosen.

HINCV

26 तब परमेश्वर ने अपने चुने हुए सेवक मोशेह को उनके पास भेजा, और अहरोन को भी.

BSB

27 They performed His miraculous signs among them, and wonders in the land of Ham.

HINCV

27 उन्होंने परमेश्वर की ओर से उनके सामने आश्चर्य कार्य प्रदर्शित किए, हाम की धरती पर उन्होंने अद्भुत कार्य प्रदर्शित किए.

BSB

28 He sent darkness, and it became dark—yet they defied His words.

HINCV

28 उनके आदेश ने सारे देश को अंधकारमय कर दिया; क्योंकि उन्होंने परमेश्वर के आदेशों की अवहेलना की.

BSB

29 He turned their waters to blood and caused their fish to die.

HINCV

29 परमेश्वर ही के आदेश से देश का समस्त जल रक्त में बदल गया, परिणामस्वरूप समस्त मछलियां मर गईं.

BSB

30 Their land teemed with frogs, even in their royal chambers.

HINCV

30 उनके समस्त देश में असंख्य मेंढक उत्पन्‍न हो गए, यहां तक कि उनके न्यायियों के शयनकक्ष में भी पहुंच गए.

BSB

31 He spoke, and insects swarmed—gnats throughout their country.

HINCV

31 परमेश्वर ने आदेश दिया और मक्खियों के समूह देश पर छा गए, इसके साथ ही समस्त देश में मच्छर भी समा गए.

BSB

32 He gave them hail for rain, with lightning throughout their land.

HINCV

32 उनके आदेश से वर्षा ने ओलों का रूप ले लिया, समस्त देश में आग्नेय विद्युज्ज्वाला बरसने लगी.

BSB

33 He struck their vines and fig trees and shattered the trees of their country.

HINCV

33 तब परमेश्वर ने उनकी द्राक्षालताओं तथा अंजीर के वृक्षों पर भी आक्रमण किया, और तब उन्होंने उनके देश के वृक्षों का अंत कर दिया.

BSB

34 He spoke, and the locusts came—young locusts without number.

HINCV

34 उनके आदेश से अरबेह टिड्डियों ने आक्रमण कर दिया, ये यालेक टिड्डियां असंख्य थीं;

BSB

35 They devoured every plant in their land and consumed the produce of their soil.

HINCV

35 उन्होंने देश की समस्त वनस्पति को निगल लिया, भूमि की समस्त उपज समाप्‍त हो गई.

BSB

36 Then He struck all the firstborn in their land, the firstfruits of all their vigor.

HINCV

36 तब परमेश्वर ने उनके देश के हर एक पहलौठे की हत्या की, उन समस्त पहिलौठों का, जो उनके पौरुष का प्रमाण थे.

BSB

37 He brought Israel out with silver and gold, and none among His tribes stumbled.

HINCV

37 परमेश्वर ने स्वर्ण और चांदी के बड़े धन के साथ इस्राएल को मिस्र देश से बचाया, उसके समस्त गोत्रों में से कोई भी कुल नहीं लड़खड़ाया.

BSB

38 Egypt was glad when they departed, for the dread of Israel had fallen on them.

HINCV

38 मिस्र निवासी प्रसन्‍न ही थे, जब इस्राएली देश छोड़कर जा रहे थे, क्योंकि उन पर इस्राएल का आतंक छा गया था.

BSB

39 He spread a cloud as a covering and a fire to light up the night.

HINCV

39 उन पर आच्छादन के निमित्त परमेश्वर ने एक मेघ निर्धारित कर दिया था, और रात्रि में प्रकाश के लिए अग्नि भी.

BSB

40 They asked, and He brought quail and satisfied them with the bread of heaven.

HINCV

40 उन्होंने प्रार्थना की और परमेश्वर ने उनके निमित्त आहार के लिए बटेरें भेज दीं; और उन्हें स्वर्गिक आहार से भी तृप्‍त किया.

BSB

41 He opened a rock, and water gushed out; it flowed like a river in the desert.

HINCV

41 उन्होंने चट्टान को ऐसे खोल दिया, कि उसमें से उनके निमित्त जल बहने लगा; यह जल वन में नदी जैसे बहने लगा.

BSB

42 For He remembered His holy promise to Abraham His servant.

HINCV

42 क्योंकि उन्हें अपने सेवक अब्राहाम से की गई अपनी पवित्र प्रतिज्ञा स्मरण की.

BSB

43 He brought forth His people with rejoicing, His chosen with shouts of joy.

HINCV

43 आनंद के साथ उनकी प्रजा वहां से बाहर लाई गई, उनके चुने हर्षनाद कर रहे थे;

BSB

44 He gave them the lands of the nations, that they might inherit the fruit of others’ labor,

HINCV

44 परमेश्वर ने उनके लिए अनेक राष्ट्रों की भूमि दे दी, वे उस संपत्ति के अधिकारी हो गए जिसके लिए किसी अन्य ने परिश्रम किया था.

BSB

45 that they might keep His statutes and obey His laws. Hallelujah!

HINCV

45 कि वे परमेश्वर के अधिनियमों का पालन कर सकें और उनके नियमों को पूरा कर सकें. याहवेह का स्तवन हो.

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